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बचà¥à¤šà¥‡ का खेल-कूद करना हो या छोटी-मोटी शरारतें, इन सबको देखकर पेरेंटà¥à¤¸ को बड़ा आनंद आता है। वहीं, अगर बचà¥à¤šà¤¾ खेल-कूद की उमà¥à¤° में गà¥à¤¸à¥à¤¸à¤¾ करना शà¥à¤°à¥‚ कर दे, तो यह वà¥à¤¯à¤µà¤¹à¤¾à¤° माता-पिता के लिठसिरदरà¥à¤¦ बन जाता है। à¤à¤¸à¥‡ में मॉमजंकà¥à¤¶à¤¨ बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के कà¥à¤°à¥‹à¤§ को कंटà¥à¤°à¥‹à¤² करने के टिपà¥à¤¸ लेकर आया है। साथ ही हम बचà¥â€à¤šà¥‹à¤‚ का गà¥à¤¸à¥â€à¤¸à¤¾ होने के कारण à¤à¥€ विसà¥à¤¤à¤¾à¤° से बताà¤à¤‚गे।
चलिà¤, बचà¥â€à¤šà¥‹à¤‚ का गà¥à¤¸à¥â€à¤¸à¤¾ करने का कारण जानते हà¥à¤ लेख की शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ करते हैं।
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को गà¥à¤¸à¥à¤¸à¤¾ कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ आता है? |
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ का कà¥à¤°à¥‹à¤§ करना यानी गà¥à¤¸à¥à¤¸à¤¾ होना à¤à¤• सामानà¥à¤¯ à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ है। खासतौर पर सà¥à¤•ूल जाने वाले बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में इसकी समसà¥à¤¯à¤¾ अधिक देखी जाती है। इसकी वजह से बचà¥à¤šà¤¾ कई बार हमउमà¥à¤° बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के साथ आकà¥à¤°à¤¾à¤®à¤• वà¥à¤¯à¤µà¤¹à¤¾à¤° à¤à¥€ कर सकता है (1)। बचà¥à¤šà¥‡ को गà¥à¤¸à¥à¤¸à¤¾ आने के पीछे कà¥à¤¯à¤¾ कारण हैं, यह आगे जानिà¤à¥¤
1. तनाव होने पर
अगर बचà¥à¤šà¤¾ अधिक तनाव लेता है, तो इससे उसपर नकारातà¥à¤®à¤• असर पड़ता है। इसके चलते बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को गà¥à¤¸à¥à¤¸à¤¾ आ सकता है (2)। à¤à¤¸à¥‡ में अगर बचà¥à¤šà¥‡ पर पढ़ाई को लेकर या किसी आदत को लेकर दबाव डाला जाà¤, जिसे वह नापसंद करता है, तो इससे बचà¥à¤šà¥‡ को तनाव हो सकता है। इसके बढ़ने पर उसका सà¥à¤µà¤¾à¤à¤¾à¤µ गà¥à¤¸à¥à¤¸à¥ˆà¤² हो जाता है।
2. पेरेंटà¥à¤¸ का गà¥à¤¸à¥à¤¸à¥ˆà¤² वà¥à¤¯à¤µà¤¹à¤¾à¤°
à¤à¤¨à¤¸à¥€à¤¬à¥€à¤†à¤ˆ (नेशनल सेंटर फॉर बायोटेकà¥à¤¨à¥‹à¤²à¥‰à¤œà¥€ इंफॉरà¥à¤®à¥‡à¤¶à¤¨) दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ पबà¥à¤²à¤¿à¤¶ à¤à¤• शोध में यह à¤à¥€ बताया गया है कि आकà¥à¤°à¤¾à¤®à¤• पेरेंटिंग का तरीका à¤à¥€ बचà¥à¤šà¥‡ को गà¥à¤¸à¥à¤¸à¥ˆà¤² बना सकता है। इस अधà¥à¤¯à¤¯à¤¨ में पाया गया है कि जो माता-पिता अधिक गà¥à¤¸à¥à¤¸à¤¾ करते हैं, उनके बचà¥à¤šà¥‡ में à¤à¥€ काफी हद तक गà¥à¤¸à¥à¤¸à¥ˆà¤² पà¥à¤°à¤µà¥ƒà¤¤à¤¿ होती है (3)। इस आधार पर à¤à¤¸à¤¾ कहा जा सकता है कि अगर बचà¥à¤šà¥‡ के सामने उसके पेरेंटà¥à¤¸ लड़ाई-à¤à¤—ड़ा करते हैं या उसे बहà¥à¤¤ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ डांटते-फटकारते हैं, तो तो बचà¥à¤šà¤¾ गà¥à¤¸à¥à¤¸à¥ˆà¤² हो सकता है।
3. वà¥à¤¯à¤µà¤¹à¤¾à¤° संबंधी समसà¥à¤¯à¤¾ होने पर
कà¥à¤› सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में बचà¥à¤šà¥‡ का गà¥à¤¸à¥à¤¸à¤¾ करना या अपना आपा खो देना, वà¥à¤¯à¤µà¤¹à¤¾à¤° संबंधी डिसऑरà¥à¤¡à¤° के कारण हो सकता है (4)। सीडीसी (सेंटरà¥à¤¸ फॉर डिजीज पà¥à¤°à¤¿à¤µà¥‡à¤‚शन à¤à¤‚ड कंटà¥à¤°à¥‹à¤²) के अनà¥à¤¸à¤¾à¤°, अगर समय रहते इसका निदान न किया जाà¤, तो बढ़ती उमà¥à¤° में बचà¥à¤šà¥‡ के लिठयह काफी गंà¤à¥€à¤° और चिंताजनक हो सकता है (5)।
4. à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾à¤“ं पर नियंतà¥à¤°à¤¿à¤£ न होना
बचà¥à¤šà¤¾ अपनी बढ़ती उमà¥à¤° के साथ धीरे-धीरे सà¤à¥€ à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾à¤“ं को नियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ करना सीख जाते हैं। à¤à¤¸à¥‡ में छोटी आयॠके बचà¥à¤šà¥‡ अपनी à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾à¤“ं को नियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ करना सीख ही रहे होते हैं। इस वजह से अगर कोई बात या हरकत से उसके मन को ठेस पहà¥à¤‚चाती है, तो इसके पà¥à¤°à¤¤à¤¿ वह अपना गà¥à¤¸à¥à¤¸à¤¾ जाहिर कर सकता है (6)।
5. पीयर पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤°
हमउमà¥à¤° का पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ यानी पीयर पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° à¤à¥€ बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को कई तरह से पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ करता है, जिसमें पढ़ने-लिखने से लेकर, खेल, फैशन, गैजेटà¥à¤¸ के इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² जैसी कई बातें शामिल हैं (7)। à¤à¤¨à¤¸à¥€à¤¬à¥€à¤†à¤ˆ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤°, अगर बचà¥à¤šà¤¾ पीयर पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° के कारण मन में निराशा महसूस करता है, तो à¤à¥€ उसे गà¥à¤¸à¥à¤¸à¤¾ आ सकता है (6)। à¤à¤¸à¥‡ में यह कहना गलत नहीं होगा कि हमउमà¥à¤° का पीयर पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° बचà¥à¤šà¥‡ को गà¥à¤¸à¥à¤¸à¥ˆà¤² बना सकता है।
6. उदास होने पर
घर में लड़ाई-à¤à¤—ड़ा, सà¥à¤•ूल व पढ़ाई-लिखाई में कठिनाई, बीमार होना या किसी मितà¥à¤° से बिछड़ने पर मन में उदासी की à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ आ जाती है। कई बार यही à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ गà¥à¤¸à¥à¤¸à¥‡ के रूप में à¤à¥€ जाहिर हो सकती है, जो सामानà¥à¤¯ है (8)। à¤à¤¸à¥‡ में अगर किसी वजह से बचà¥à¤šà¤¾ नाखà¥à¤¶ है, तो वह अपना दà¥à¤– गà¥à¤¸à¥à¤¸à¥‡ के रूप में जाहिर कर सकता है।
7. तंग किये जाने पर (Bullying)
अकà¥à¤¸à¤° बचà¥à¤šà¤¾ किस परेशानी या à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ से गà¥à¤œà¤° रहा है, इसके बारे में वह खà¥à¤²à¤•र नहीं बता पाता। इसका फायदा कà¥à¤› बड़े बचà¥à¤šà¥‡ या लोग उठा सकते हैं। सà¥à¤•ूल में या अनà¥à¤¯ सà¥à¤¥à¤¾à¤¨à¥‹à¤‚ पर बचà¥à¤šà¥‡ के साथ बà¥à¤²à¤¿à¤‚ग की घटनाà¤à¤‚ à¤à¥€ सामने आती रहती हैं। à¤à¤¸à¥‡ में अगर बचà¥à¤šà¥‡ को सहपाठी या अनà¥à¤¯ बचà¥à¤šà¥‡ तंग करते हैं, तो वह गà¥à¤¸à¥à¤¸à¥ˆà¤² सà¥à¤µà¤¾à¤à¤¾à¤µ का हो सकता है (9)।
8. असफल होने पर
छोटे बचà¥à¤šà¥‡ व सà¥à¤•ूल जाने वाले बचà¥à¤šà¥‡ हर दिन कà¥à¤› नया सीखते हैं। कà¥à¤› वह सà¥à¤•ूल में सीखते हैं, तो कà¥à¤› वह अपने दोसà¥à¤¤à¥‹à¤‚, सहपाठियों व आस-पास के वातावरण से à¤à¥€ देखते व सीखते हैं। à¤à¤¸à¥‡ में अगर कोई बचà¥à¤šà¤¾ अपने मितà¥à¤° या सहपाठी से पढ़ने में, खेलने में या किसी अनà¥à¤¯ कारà¥à¤¯ में कमजोर है, तो इस तरह से वो खà¥à¤¦ को असफल समठसकता है और बात-बात पर गà¥à¤¸à¥à¤¸à¤¾ कर सकता है।
अगर बचà¥à¤šà¤¾ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ गà¥à¤¸à¥à¤¸à¤¾ करता है, तो उसमें कई लकà¥à¤·à¤£ आपको दिखेंगे, इनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ जानने के लिठनीचे सà¥à¤•à¥à¤°à¥‰à¤² करें।
बचà¥à¤šà¥‡ में कà¥à¤°à¥‹à¤§ की समसà¥à¤¯à¤¾ के लकà¥à¤·à¤£
बचà¥à¤šà¥‡ का कà¥à¤°à¥‹à¤§à¤¿à¤¤ होना ही, इस समसà¥à¤¯à¤¾ का अहम लकà¥à¤·à¤£ है। इसके अलावा, गà¥à¤¸à¥à¤¸à¥‡ के कारण सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤¸ हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ बढ़ जाते हैं, जो चयापचय सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ में परिवरà¥à¤¤à¤¨ के साथ ही शरीर के अनà¥à¤¯ अंगों को à¤à¥€ पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ करते हैं। साथ ही अगर बचà¥à¤šà¥‡ में कà¥à¤°à¥‹à¤§ की समसà¥à¤¯à¤¾ बढ़ गई है, तो उसमें निमà¥à¤¨à¤²à¤¿à¤–ित लकà¥à¤·à¤£ à¤à¥€ दिख सकते हैं
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